राष्ट्रीय कला उत्सव में कहानी वाचन में मध्यप्रदेश को मिला तीसरा स्थान

मॉडल स्कूल मुरैना के छात्र ने स्थानीय लोक-कला शैली में दी प्रस्तुति

भोपाल 
केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय और एनसीईआरटी, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 11वें राष्ट्रीय कला उत्सव में मध्यप्रदेश की टीम ने कहानी वाचन विधा में राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इस वर्ष राष्ट्रीय कला उत्सव महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित किया गया। राष्ट्रीय कला उत्सव में देश के सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के लगभग 1075 विद्यार्थियों ने सहभागिता कर कला के क्षेत्र में आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं।

कला उत्सव की 12 श्रेणियों में आयोजित प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के विद्यालयों के 29 सदस्यीय दलों ने प्रतिभागिता की। दल के प्रबंधक एवं कला उत्सव समन्वयक डॉ. दिनेश कुमार शर्मा थे। कहानी वाचन विधा में शासकीय मॉडल स्कूल मुरैना की टीम ने महाभारत के कथानक ‘द्रोपदी चीरहरण’ को मध्यप्रदेश की स्थानीय लोककथा शैली में प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। छात्र हरिओम सिंह सिकरवार एवं अनुराग राजावत ने लोक वाद्य यंत्रों के माध्यम से संवाद कला का उत्कृष्ट प्रयोग करते हुए प्रस्तुति को महिला सशक्तिकरण की भावना से जोड़ा। उनकी सशक्त प्रस्तुति को उत्सव में उपस्थित दर्शकों एवं निर्णायकों द्वारा सराहा गया।

कला उत्सव में केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली के सचिव श्री संजय कुमार और निदेशक एनसीईआरटी प्रो. दिनेश कुमार सकलानी ने प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किये। मध्यप्रदेश कला उत्सव की नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त संचालक समग्र शिक्षा श्रीमती मनीषा सेतिया ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के प्रतिभाशाली बच्चों को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा उचित प्लेटफार्म देकर निरंतर प्रोत्साहित किया जाता रहेगा।

 

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