मध्य प्रदेश में 50 हजार जवानों ने एक साथ किया ध्यान, थानों में छा गया मौन
विश्व ध्यान दिवस पर MP पुलिस का बड़ा प्रयोग; ऑनलाइन माध्यम से जुड़े फील्ड पर तैनात जवान, अब हर थाने में शुरू होंगे ध्यान कक्ष
भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस के इतिहास में रविवार को ‘विश्व ध्यान दिवस पर प्रदेश के चप्पे-चप्पे पर तैनात करीब 50 हजार पुलिस कर्मियों और अधिकारियों ने एक साथ 20 मिनट का सामूहिक ध्यान किया। रात 8 बजते ही थानों और बटालियनों की गहमागहमी शांत हो गई और वर्दीधारी जवान आंतरिक शांति की खोज में मौन नजर आए।
तकनीक के जरिए एक सूत्र में बंधा पूरा बल राजधानी भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय से लेकर सुदूर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और चेक-पोस्टों पर तैनात जवानों तक, हर कोई इस आयोजन का हिस्सा बना। यह सत्र ऑनलाइन संचालित किया गया था। जो जवान थानों में मौजूद थे, वे सामूहिक रूप से बैठे और जो फील्ड ड्यूटी या गश्त पर थे, उन्होंने अपनी सुविधा अनुसार तकनीक के माध्यम से इस ध्यान सत्र में भाग लिया।
20 मिनट का मौन और मानसिक रिचार्ज आयोजन के दौरान 20 मिनट तक सामूहिक मौन रखा गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस छोटे से अंतराल ने जवानों को दिनभर की मानसिक थकान और तनाव से अद्भुत राहत दी। ड्यूटी के दबाव और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों के बीच यह प्रयोग जवानों के मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।
अब स्थायी होंगे ‘मेडिटेशन रूम’ इस सफल आयोजन के साथ ही प्रदेश के हर थाने में विशेष ‘मेडिटेशन रूम’ बनाने की प्रक्रिया ने भी रफ्तार पकड़ ली है। विभाग का लक्ष्य है कि पुलिसकर्मियों को रोजमर्रा की ड्यूटी के दौरान भी मानसिक शांति के लिए एक समर्पित स्थान मिले। अधिकारियों का कहना है कि शांत मन से लिया गया निर्णय बेहतर पुलिसिंग और जनता के प्रति अधिक संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करेगा।
जवानों ने कहा- ‘ऐसी पहल की सख्त जरूरत थी’ कार्यक्रम के बाद जवानों में खासा उत्साह देखा गया। ड्यूटी पर तैनात एक आरक्षक ने बताया, “दिनभर की भागदौड़ और तनाव के बीच 20 मिनट का यह सुकून हमें नई ऊर्जा दे गया। ऐसे कार्यक्रमों से हमें महसूस होता है कि विभाग हमारे मानसिक स्वास्थ्य के प्रति भी गंभीर है।”








