TVK सरकार गठन: विजय के पास बहुमत, तमिलनाडु में बड़ा राजनीतिक उलटफेर

तमिलनाडु

तमिलनाडु में अभिनेता से राजनेता बने विजय के मुख्यमंत्री बनने और सरकार गठन का रास्ता शनिवार को पूरी तरह साफ हो गया है. वीसीके (VCK) और आईयूएमएल (IUML) ने उनकी पार्टी टीवीके (TVK) को बिना शर्त समर्थन देने का ऐलान किया है. दोनों दलों के पास 2-2 विधायक हैं. इससे पहले विजय लगातार तीन दिनों तक राज्यपाल से मुलाकात के बावजूद सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 विधायकों का समर्थन नहीं दिखा पाए थे. अब वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन के बाद विजय के पास 120 विधायकों का समर्थन हो गया है.

इसके साथ ही चार दिनों से जारी राजनीतिक असमंजस खत्म हो गया. विजय की पार्टी टीवीके ने विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र सौंपने और सरकार गठन का दावा पेश करने के लिए तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से आज शाम 6 बजे मुलाकात का समय मांगा था. हालांकि, टीवीके को आज राज्यपाल से मिलने का समय नहीं मिला. इससे पहले विजय ने दो बार राज्यपाल से मुलाकात की थी. लेकिन बहुमत के लिए विधायकों की संख्या पूरी नहीं होने के चलते उन्हें राज्यपाल की ओर सरकार गठन का न्योता नहीं मिला था.

तमिलनाडु में TVK बनी सबसे बड़ी पार्टी
दो साल पुरानी विजय की टीवीके ने इस चुनाव में डीएमके और एआईएडीएमके जैसी द्रविड़ राजनीति के धुरंधरों को पीछे छोड़ते हुए 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने में सफलता हासिल की. हालांकि, विजय को अपनी जीती हुई दो सीटों में से एक छोड़नी होगी, इसलिए पार्टी के विधायकों की वास्तविक संख्या 107 है.

डीएमके साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस ने 5 सीटें जीतीं. त​मिलनाडु चुनाव के नतीजे आने के बाद कांग्रेस डीएमके से अलग होकर, टीवीके को समर्थन देने वाली पहली पार्टी बनी थी. वामदलों ने भी अपने चार विधायकों के साथ विजय को समर्थन देने का ऐलान किया है. अब वीसीके और आईयूएमएल के जुड़ने से टीवीके बहुमत के आंकड़े को पार कर चुकी है. बता दें कि 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 है.

विजय के पास 120 विधायकों का समर्थन
टीवीके के 107, कांग्रेस के 5, वामदलों के 4 और वीसीके-आईयूएमएल के 2-2 विधायकों के समर्थन से विजय के पास अब 120 विधायकों का समर्थन है, जो बहुमत के आंकड़े से 2 ज्यादा है. वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन इस बात से नाराज थे कि विजय ने व्यक्तिगत रूप से संपर्क करने के बजाय व्हाट्सऐप संदेश के जरिए समर्थन मांगा था. आईयूएमएल ने भी शुरुआत में सख्त रुख अपनाते हुए खुद को डीएमके के साथ बताया था. लेकिन शनिवार सुबह टीवीके नेताओं की वीसीके और आईयूएमएल नेतृत्व से

मुलाकात के बाद स्थिति बदल गई.
वीसीके ने भले ही बिना शर्त समर्थन दिया हो, लेकिन पार्टी नेता वन्नी अरसु ने स्थानीय मीडिया से कहा कि सरकार में शामिल होने को लेकर फैसला बाद में लिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी चाहती है कि विजय द्वारा खाली की जाने वाली सीट से थोल थिरुमावलवन चुनाव लड़ें और आगे चलकर उपमुख्यमंत्री बनें.

  • Related Posts

    शुभेंदु की शपथ से पहले PM मोदी ने माखनलाल सरकार से लिया आशीर्वाद, बंगाल को अनोखा सलाम

    कलकत्ता भारतीय जनता पार्टी (BJP) और खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए पश्चिम बंगाल की जीत के मायने बड़े हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जाता है जब

    पूरी खबर पढ़े
    सुवेंदु सरकार का मेगा प्लान: बंगाल के हर घर तक पहुंचेगी मोदी गारंटी

    कलकत्ता  पश्चिम बंगाल की राजनीति में 9 मई 2026 का दिन ऐतिहासिक मोड़ लेकर आया. पहली बार भाजपा ने राज्य की सत्ता पर पूर्ण बहुमत के साथ कब्जा किया

    पूरी खबर पढ़े

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *