दिल्ली-NCR की हवा हुई साफ, 25 दिन बाद AQI 100 से नीचे

नई  दिल्ली

राजधानी में इस साल की सबसे साफ हवा सोमवार को दर्ज की गई। करीब 25 दिनों बाद एयर क्वालिटी इंडेक्स AQI 100 से नीचे पहुंच गया, जिससे लोगों को प्रदूषण से आंशिक राहत मिली। CPCB)के एयर बुलेटिन के अनुसार, सोमवार को दिल्ली का AQI 88 रिकॉर्ड किया गया, जो “संतोषजनक” श्रेणी में आता है। इस दौरान मुख्य प्रदूषकों में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO₂), ओजोन (O₃) और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) शामिल रहे। हालांकि यह राहत ज्यादा समय तक नहीं रहने वाली है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज से प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ सकता है और AQI सामान्य श्रेणी में पहुंच सकता है।

इससे पहले 8 अप्रैल को AQI 93 रिकॉर्ड किया गया था। इस साल अब तक यह तीसरा मौका है जब AQI 100 से नीचे रहा—20 मार्च और 8 अप्रैल को भी AQI 93 दर्ज हुआ था। दिल्ली में सबसे साफ हवा शादीपुर इलाके में रही, जहां AQI महज 46 दर्ज किया गया। वहीं एनसीआर के अन्य शहरों में अलग-अलग स्तर की वायु गुणवत्ता देखी गई फरीदाबाद (73), गाजियाबाद का 114, ग्रेटर नोएडा का S9, गुरुग्राम का 104 और नोएडा (s6)। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 5 से 7 मई तक प्रदूषण का स्तर सामान्य बना रहेगा, लेकिन इसके बाद यह “सामान्य से खराब” श्रेणी में जा सकता है।

हवाओं की गति सोमवार को 20 से 70 किमी/घंटा के बीच रही, जिससे प्रदूषक कणों का फैलाव हुआ और हवा साफ बनी रही। मंगलवार को हवा की रफ्तार 12 से 40 किमी/घंटा और बुधवार को 12 से 20 किमी/घंटा रहने की संभावना है, जिससे प्रदूषण स्तर में फिर बढ़ोतरी हो सकती है।

दिल्ली-NCR से हटा GRAP-1
CAQM) की सब-कमिटी ने सोमवार को हालात की समीक्षा कर GRAP (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के पहले चरण (GRAP-1) को तत्काल प्रभाव से हटा दिया। गौरतलब है कि 16 अप्रैल को प्रदूषण के स्तर के “खराब” श्रेणी में पहुंचने के बाद GRAP-1 लागू किया गया था। लेकिन हाल के दिनों में बारिश और अनुकूल मौसम की वजह से वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है, जिसके चलते यह फैसला लिया गया।

CAQM की बैठक में दिल्ली-एनसीआर के मौजूदा हालात का आकलन किया गया और पाया गया कि मौसम फिलहाल प्रदूषण नियंत्रण के लिए अनुकूल है। इसी आधार पर GRAP-1 को हटाने का निर्णय लिया गया। हालांकि, कमिटी ने सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रदूषण को नियंत्रित रखने के लिए जरूरी कदम लगातार जारी रखें। साथ ही, वायु गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी बनाए रखने की बात भी कही गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को भी शहर के अलग-अलग इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जो सामान्य से कम माना जा रहा है। पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले तीन से चार दिनों तक दिल्ली में हल्के बादलों की मौजूदगी बनी रहेगी। इसके चलते फिलहाल तेज गर्मी के लौटने के आसार कम हैं और लोगों को राहत मिलती रहेगी।

पश्चिमी विक्षोभों का असर
राजधानी में थो इस बार गर्मी से राहत का बड़ा कारण बार-बार सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ रहे हैं।  मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च और अप्रैल के दौरान 12 से अधिक पश्चिमी विक्षोभों ने दिल्ली के मौसम को प्रभावित किया। इन विक्षोभों के कारण समय-समय पर बारिश, धूल भरी आंधी और ओलावृष्टि हुई, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। आमतौर पर इस समय तक तेज गर्मी पड़ने लगती है, लेकिन इस बार मौसम अपेक्षाकृत सुहाना बना रहा।

अप्रैल में 84% अधिक वर्षा
मौसम विभाग के मुताबिक, मार्च में सामान्य से 15 प्रतिशत और अप्रैल में 84 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभों के चलते दिल्ली में बारिश, आंधी और बादल छाए रहने का सिलसिला बना हुआ है, जिससे तापमान नियंत्रित रहा और लोगों को गर्मी से राहत मिली। मई के पहले सप्ताह में भी यही पैटर्न जारी है। विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे फिलहाल भीषण गर्मी के लौटने के आसार कम हैं।

राजधानी में घटी बिजली की खपत
मौसम में आए बदलाव का असर अब बिजली की मांग पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पिछले दो दिनों में पावर डिमांड में करीब 200-300 मेगावॉट की कमी दर्ज की गई है। बिजली कंपनियों के अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार को दिल्ली में अधिकतम बिजली मांग 5159 मेगावॉट रही, जो हाल के दिनों के मुकाबले काफी कम है। वहीं रविवार को यह आंकड़ा 5836 मेगावॉट दर्ज किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि बिजली की मांग पूरी तरह से मौसम के मिजाज पर निर्भर करती है। अप्रैल के आखिरी दिनों में तेज धूप और उमस के चलते बिजली की खपत तेजी से बढ़ गई थी और एक दिन मांग 7000 मेगावॉट तक पहुंच गई थी।

  • Related Posts

    बंगाल में CM कौन? सरकार गठन की हलचल तेज, BJP ने अमित शाह को बनाया पर्यवेक्षक

    नई दिल्ली बंगाल और असम में भाजपा को प्रचंड जीत मिली है। इसके बाद अब सरकार बनाने की कवायद तेज हो गई है। भाजप ने गृहमंत्री अमित शाह को

    पूरी खबर पढ़े
    बंगाल: सरकारी अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर से जब्त हुआ सोना और कैश

     साउथ 24 परगना पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना जिले में एक सरकारी अस्पताल से भारी मात्रा में कैश और सोना मिलने के बाद हड़कंप मच गया है. इस

    पूरी खबर पढ़े

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *