प्रदेश में खूंखार हो रहे स्ट्रीट डॉग्स, जानिए क्यों? एक्सपर्ट बोले: गर्मी में आक्रामक हो जाते हैं; सतना में 3 घंटे में 40 लोगों को काटा

भोपाल 
मध्य प्रदेश में स्ट्रीट डॉग्स यानी आवारा कुत्ते खूंखार हो रहे हैं। हाल ही में कई मामले सामने आ चुके हैं। ताजा मामला सतना का है। यहां सिर्फ 3 घंटे में ही 40 लोगों को कुत्तों ने काटा था। भोपाल में कुत्तों के काटने के हर रोज 50 केस पहुंच रहे हैं।

सतना में कुत्तों के हमले के बाद लोगों में हड़कंप मच गया था। जान बचाने के लिए वे दुकानों और घरों में छिपते नजर आए, जबकि जिला अस्पताल में एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए अचानक भीड़ उमड़ पड़ी।

भोपाल के अस्पतालों में रोजना 40 नए केस राजधानी भोपाल में डॉग बाइट के मामलों ने फिर से बढ़ने लगे हैं। जेपी और हमीदिया अस्पताल में रोजाना 50 से 60 नए मरीज आ रहे हैं, जबकि हर रोज दोनों अस्पतालों में 200 से ज्यादा लोग वैक्सीनेशन के लगवाने आते हैं।

डॉक्टर्स का कहना है कि गर्मी शुरू होते ही फिर से केस बढ़ रहे हैं। जनरल ओपीडी में 92 प्रतिशत रैबीज के वैक्सीनेशन के केस आ रहे हैं। अस्पतालों में डॉक्टर ने डॉग बाइट की कैटेगरी बना ली है

इंदौर में अप्रैल में हर दिन 146 केस
इंदौर में अप्रैल के 24 दिनों (24 अप्रैल तक) में डॉग बाइट के 3493 मामले सामने आए हैं। यानी औसतन करीब 146 केस प्रतिदिन दर्ज किए गए हैं। जनवरी में 5198, मार्च में 5109 मामले आए थे। वहीं दिसंबर में 5471 केस थे।

बुजुर्ग को बगल के कुत्ते ने काटा
जेपी अस्पताल में वैक्सीन लगवाने आए एक मरीज ने बताया कि उनके पड़ोसी एक कुत्ते को खाना देते हैं। एक दिन जब वे अपने घर से निकल रहे थे, तभी उस कुत्ते ने उन्हें काट लिया। वहीं खड़ी एक महिला ने भी बताया कि उनके साथ भी ऐसा ही हुआ—बगल के कुत्ते ने उनके पैर में नाखून मार दिया था।

एमपी में डॉग बाइट के इतने आंकड़े
पूरे मध्यप्रदेश में कुत्तों के काटने का खतरा बना रहता है। कई इलाके ऐसे हैं, जहां कुत्तों के डर से बच्चे घरों के बाहर खेलने तक नहीं जाते। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के 2024 के आंकड़े बताते हैं कि मध्यप्रदेश में 10.09 लाख से ज्यादा आवारा कुत्ते हैं। इनमें से 6 लाख से अधिक बड़े शहरों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में हैं।

9 लोगों की रेबीज से मौत भी हुई
केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2022 से जनवरी 2025 तक प्रदेश में करीब 3.39 लाख डॉग बाइट के मामले सामने आए हैं। इनमें 2022 में 66,018, 2023 में 1,13,499, 2024 में 1,42,948 और 2025 (जनवरी) में 16,710 मामले दर्ज हुए। इसी अवधि में कम से कम 9 लोगों की रेबीज से मौत भी हुई है।

देशभर के आंकड़ों से तुलना करें तो मध्यप्रदेश डॉग बाइट मामलों में शीर्ष राज्यों में शामिल है, जहां हर साल मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज हो रही है। 2022 में जहां करीब 21.89 लाख मामले देशभर में थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 37.15 लाख से अधिक हो गई।

गर्मी में क्यों बढ़ते हैं कुत्तों के हमले
पशु चिकित्सक एसआर नागर के मुताबिक, गर्मी का मौसम कुत्तों के व्यवहार को आक्रामक बना देता है। कुत्तों के शरीर में स्वेट ग्लैंड (पसीना निकालने वाले छिद्र) नहीं होते, इसलिए वे इंसानों की तरह शरीर का तापमान नियंत्रित नहीं कर पाते।

इस वजह से उनमें चिड़चिड़ापन और आक्रामकता बढ़ जाती है। अगर उन्हें खाने-पीने की कमी हो या किसी तरह का खतरा महसूस हो, तो वे तुरंत हमला कर सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रैल से जून के बीच तापमान बढ़ने के साथ डॉग बाइट के मामलों में और तेजी आ सकती है। इस दौरान कुत्तों के खाने-पीने का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्हें पर्याप्त पानी देना और तेज धूप से बचाना जरूरी है, ताकि उनका व्यवहार शांत बना रहे।

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