स्वच्छता के सारथियों के स्वास्थ्य और सम्मान को समर्पित स्वच्छता स्वाभिमान कार्यशाला

भोपाल. 
मध्यप्रदेश के नगरीय क्षेत्रों को स्वच्छ और सुंदर बनाने में ‘स्वच्छता के प्रहरियों’ के स्वास्थ्य संरक्षण एवं कार्य स्थल पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों के सफाई मित्रों के लिए “स्वच्छता स्वाभिमान कार्यशाला” का आयोजन किया गया। वर्चुअली आयोजित कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सफाई मित्रों को उनके दायित्व निर्वहन के दौरान स्वास्थ्य के प्रति सजग करना और सुरक्षा मानकों के पालन हेतु प्रशिक्षित करना रहा।

स्वास्थ्य ही वास्तविक पूँजी
कार्यशाला के मुख्य वक्ता गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल के प्रख्यात विशेषज्ञ डॉ. प्रो. एस.के. पटने (एमडी पीएसएम)उपस्थित रहे। उन्होंने “कार्य के दौरान सावधानियां एवं व्यक्तिगत स्वास्थ्य” विषय पर अपना सारगर्भित और व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया। डॉ. पटने ने रेखांकित किया कि सफाई मित्र हमारी शहरी व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनका सुरक्षित रहना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

प्रमुख बिंदु
सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य उपयोग: कार्य के दौरान दस्ताने, मास्क और गमबूट (PPE) जैसे उपकरणों को केवल औपचारिकता न मानकर जीवन रक्षक कवच के रूप में अपनाने की सलाह दी गई।

संक्रमण से बचाव के लिये कचरा संग्रहण और निस्तारण के दौरान संक्रमण के संभावित खतरों और उनसे बचाव के वैज्ञानिक तरीकों पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेषज्ञों द्वारा सफाई मित्रों को समय-समय पर अपनी स्वास्थ्य जांच कराने हेतु प्रेरित किया गया।

संवाद से समाधान की ओर
कार्यशाला की एक महत्वपूर्ण विशेषता इसका संवादात्मक स्वरूप रहा। प्रदेश के विभिन्न निकायों से जुड़े सफाई मित्रों ने अपनी कार्यशैली और स्वास्थ्य संबंधी शंकाओं को डॉ. पटने के समक्ष रखा। डॉ . पटने ने अत्यंत सहजता से उनकी समस्याओं का समाधान किया और उन्हें कार्य के पश्चात व्यक्तिगत स्वच्छता के नियमों से अवगत कराया गया।

विभाग की प्रतिबद्धता और भविष्य का लक्ष्य
विभागीय अधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि “स्वच्छ भारत मिशन (शहरी)” की सफलता केवल साफ गलियों से नहीं, बल्कि उन गलियों को साफ करने वाले हाथों की मजबूती और सुरक्षा से भी मापी जाती है। यह कार्यशाला सफाई मित्रों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाने और उन्हें एक भयमुक्त एवं स्वस्थ्य कार्य वातावरण उपलब्ध कराने की हमारी निरंतर प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

कार्यक्रम के समापन पर समस्त प्रतिभागियों से आह्वान किया गया कि वे कार्यशाला में अर्जित ज्ञान को अपने दैनिक जीवन और कार्य प्रणाली का अभिन्न अंग बनाएं, जिससे स्वस्थ सफाई मित्र—स्वच्छ प्रदेश का संकल्प सिद्ध हो सके।

 

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