अब और तेज दौड़ेगी श्रीधाम एक्सप्रेस, एलएचबी रैक से यात्रियों को मिलेगा आरामदायक सफर

जबलपुर
जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन के बीच संचालित होने वाली श्रीधाम एक्सप्रेस की यात्रा जल्द ही और आरामदायक बनेगी। ट्रेन को 30 मई से लिंक हाफमैन बुश (एलएचबी) रैक से दौड़ाने का निर्णय किया गया है। एलएचबी कोच पारंपरिक (आईसीएफ) कोचों की तुलना में अधिक सुविधाजनक एवं सुरक्षित होते हैं। ये वजन में भी हल्के होते हैं। उच्च गति पर संचालन की क्षमता होती है। एलएचबी कोच की नई संरचना और स्वरूप यात्रियों को अधिक सुखद और सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करते हैं। नए रेक से ट्रेन की गति औसतन 20 किलोमीटर प्रतिघंटा तक बढ़ेगी। चाल में वृद्धि की संभावना को ध्यान में रखकर ट्रेन को दिल्ली पहुंचाने की भी मंशा है।

दिल्ली पहुंचाने में लेती है सबसे ज्यादा समय
जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन के बीच एक साप्ताहिक और चार ट्रेन प्रतिदिन संचालित होती हैं। इनमें दिल्ली पहुंचाने में सबसे ज्यादा समय (लगभग 18.30 घंटा) श्रीधाम एक्सप्रेस लेती है। यह ट्रेन इटारसी-भोपाल-बीना के रास्ते संचालित होने के कारण कटनी-सागर-बीना मार्ग के अपेक्षाकृत लगभग 130 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करती है। जबलपुर से दिल्ली के बीच सीधे चलने वाली अन्य ट्रेनों के अपेक्षाकृत यात्रा में औसतन साढ़े पांच से साढ़े छह घंटे का अतिरिक्त समय लगाती है। जिसके चलते ट्रेन दोपहर में दिल्ली पहुंचती है। सुपरफास्ट धीमी चाल यात्रियों को परेशान करती है।

अब 22 कोच होंगे, स्लीपर के दो कोच घटेंगे
श्रीधाम एक्सप्रेस (12192/91) का संचालन पश्चिम मध्य रेल करता है। वर्तमान में ट्रेन का 24 कोच का आइसीएफ रैक है। इसे एलएचबी रैक से परिवर्तित करने के साथ ही ट्रेन का कोच कांबिनेशन बदल जाएगा। थर्ड एसी के एक कोच की एसी इकोनामी कोच लेगा। दो स्लीपर कोच भी कम होंगे। 22 कोच के एलएचबी रेक में एक वातानुकूलित प्रथम श्रेणी, दो वातानुकूलित द्वितीय, पांच वातानुकूलित तृतीय, एक वातानुकूलित तृतीय इकोनॉमी, सात स्लीपर, चार सामान्य श्रेणी के कोच, एक एसएलआरडी एवं एक जनरेटर कार रहेंगे।

  • Related Posts

    ओला-उबर 2 मिनट में पहुंचती हैं तो एंबुलेंस क्यों नहीं? जनहित याचिका पहुंची हाईकोर्ट

    जबलपुर  हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने प्रदेश से गुजरने वाले राजमार्गों में अवैध कट-प्वाइंट्स को चुनौती के मामले में जवाब-तलब

    पूरी खबर पढ़े
    विद्यार्थी पारंपरिक कक्षा शिक्षा से आगे बढ़कर विज्ञान के व्यावहारिक एवं अनुप्रयुक्त स्वरूप से हुए परिचित

    भोपाल मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा आयोजित 18वीं विज्ञान मंथन यात्रा का समापन सोमवार को नेहरू नगर स्थित विज्ञान भवन भोपाल में उत्साहपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में हुआ।

    पूरी खबर पढ़े

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *