देश में कहीं भी पेट्रोल-डीजल या LPG की कमी नहीं, सरकार ने स्पष्ट किया

नई दिल्ली

ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच कुछ शहरों के पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ उमड़ती दिख रही है। इसके अलावा, एलपीजी सिलेंडरों में भी कथित संकट का दावा किया जा रहा है। इस बीच, इन दावों को सरकार ने गलत बताया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि भारत में पेट्रोलियम और एलपीजी की आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह से सुरक्षित और नियंत्रण में है। सभी खुदरा ईंधन आउटलेट्स पर पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है। देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है। मंत्रालय ने जनता से अपील की है कि वे जान-बूझकर चलाए जा रहे एक शरारतपूर्ण और सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान से गुमराह न हों, जिसका उद्देश्य बेवजह घबराहट फैलाना है।

‘पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं’
भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर और पेट्रोलियम उत्पादों का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक है, जो 150 से ज्यादा देशों को रिफाइंड ईंधन की आपूर्ति करता है। क्योंकि भारत दुनिया के लिए एक शुद्ध निर्यातक है, इसलिए घरेलू पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता संरचनात्मक रूप से सुनिश्चित है। पूरे देश में एक लाख से ज्यादा खुदरा ईंधन आउटलेट खुले हैं और बिना किसी रुकावट के ईंधन दे रहे हैं। किसी भी आउटलेट से आपूर्ति की राशनिंग करने के लिए नहीं कहा गया है। पूरी दुनिया में, देश कीमतों में बढ़ोतरी, राशनिंग, ऑड-ईवन वाहन प्रतिबंधों और स्टेशनों को जबरन बंद करने जैसी स्थितियों का सामना कर रहे हैं।

मंत्रालय ने अपने बयान में आगे कहा, ”कुछ देशों ने राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल घोषित कर दिया है। भारत को ऐसे किसी भी उपाय की जरूरत महसूस नहीं होती। जहां दूसरे देश राशनिंग कर रहे हैं, वहीं भारत में आपूर्ति की कोई कमी नहीं है। जहां कुछ चुनिंदा पंपों पर घबराहट में खरीदारी के इक्का-दुक्का मामले सामने आए, वे सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो के जरिए जान-बूझकर फैलाई गई गलत जानकारी के कारण हुए थे। ऐसे पंपों पर मांग में अचानक बढ़ोतरी के बावजूद, सभी उपभोक्ताओं को ईंधन दिया गया और तेल कंपनियों के डिपो आपूर्ति बढ़ाने के लिए पूरी रात काम करते रहे। तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंपों को दिए जाने वाले क्रेडिट को पहले के एक दिन से बढ़ाकर 3 दिन से ज्यादा करने के कदम भी उठाए हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पंप मालिकों की कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) से जुड़ी समस्याओं के कारण किसी भी पंप पर पेट्रोल और डीजल की कोई कमी न हो।”

कच्चे तेल की आपूर्ति: कमी की पूरी भरपाई हो गई है
मंत्रालय ने आगे कहा, ”होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की स्थिति के बावजूद, भारत को आज दुनिया भर में अपने 41 से ज्यादा आपूर्तिकर्ताओं से पहले की तुलना में ज़्यादा कच्चा तेल मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में उपलब्ध बड़ी मात्रा ने किसी भी रुकावट की पूरी भरपाई कर दी है। भारत की हर रिफाइनरी 100 फीसदी से ज्यादा क्षमता पर चल रही है। अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति भारतीय तेल कंपनियों द्वारा पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है। आपूर्ति में कोई कमी नहीं है।”

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