बैतूल में दूषित पानी का संकट: बच्चे बीमार, खुजली-बुखार से जूझ रहे; दिग्विजय सिंह ने जताई चिंता

बैतूल

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में दूषित पानी के कारण बच्चों में त्वचा संबंधी बीमारियों के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के दनवाखेड़ा गांव में बच्चों में खुजली (स्केबीज), सर्दी-खांसी और बुखार जैसी समस्याएं सामने आई हैं। इस मामले को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रशासन से ध्यान देने को कहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव में कम से कम 20 बच्चे त्वचा रोग और अन्य बीमारियों से पीड़ित मिले हैं। जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देख गांव में मेडिकल कैंप लगाकर बच्चों का इलाज शुरू कराया है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा मनोज हुरमाड़े ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोड़ाडोंगरी में ग्राम दानवाखेड़ा के मंगल पिता सेखलाल उम्र 38, कस्तूरी पति मंगल उम्र 35, सतीश पिता मंगल उम्र चार वर्ष, मुन्नी पिता मंगल उम्र आठ वर्ष, रीना पिता मंगल उम्र छह और गीता पिता मंगल सेलुकर उम्र तीन माह को उपचार के लिए भर्ती किया है। सभी मरीज खुजली की बीमारी से ग्रसित हैं, जिनकी स्थिति सामान्य है। ग्राम में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है।

त्वचा संबंधी रोग से पीड़ित होने के प्रमुख कारण सामने आने पर ग्रामीणों को पानी उबालकर ही पीने की सलाह दी जा रही है। गांव में स्थिति सामान्य बनी हुई है।

दिग्विजय सिंह ने प्रशासन पर उठाए सवाल

राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि दूषित पानी के कारण मासूम बच्चे बीमार हो रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब छह महीने पहले भी इसी तरह की बीमारी से बच्चों की मौत हो चुकी थी, लेकिन प्रशासन ने इससे कोई सबक नहीं लिया।

सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग

उन्होंने कहा कि ग्रामीण लगातार विरोध और शिकायत कर रहे हैं, फिर भी उन्हें साफ पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से तत्काल साफ पानी की व्यवस्था करने व दूषित स्रोतों की जांच कर सुधार करने की मांग की है।

 

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