विक्रम संवत भारतीय ज्ञान, विज्ञान और गौरवशाली काल गणना का प्रतीक : राज्यमंत्री श्री पंवार

भोपाल 

मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नारायण सिंह पंवार ने गुरुवार को राजगढ़ में गुड़ी पड़वा और नव संवत्सर (विक्रम संवत 2083) के पावन अवसर पर आयोजित “विक्रमोत्सव” कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। जिला स्तरीय भव्य कोटि सूर्योपासना एवं सम्राट विक्रमादित्य केंद्रित नाट्य मंचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री श्री पंवार ने उपस्थित नागरिकों को हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

राज्यमंत्री श्री पंवार ने अपने संबोधन में कहा कि गुड़ी पड़वा केवल एक पर्व नहीं है, बल्कि यह भारत की समृद्ध कालगणना, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास का प्रस्थान बिंदु है। उन्होंने शास्त्रों का उल्लेख करते हुए बताया कि इसी दिन सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना का शुभारंभ किया था, इसीलिए यह दिवस संपूर्ण सृष्टि के प्रथम दिन के रूप में भी पूजनीय है। उन्होंने कहा कि इसी कालखंड में महान सम्राट विक्रमादित्य ने विक्रम संवत का शुभारंभ किया था। यह संवत हमारे प्राचीन भारतीय ज्ञान, विज्ञान और समय की सटीक गणना की समृद्ध परंपरा का जीवंत प्रतीक है। राज्यमंत्री श्री पंवार ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य का शासन न्याय और लोक-कल्याण का आदर्श रहा है, जिससे प्रेरणा लेकर आज हम समृद्ध राष्ट्र के निर्माण की ओर अग्रसर हैं।

राज्यमंत्री श्री पंवार ने कहा कि गुड़ी पड़वा विजय, आशा और नव-आरंभ का संदेश देता है। घरों पर स्थापित किया जाने वाला ‘गुड़ी’ यानी विजय ध्वज हमें सदैव यह प्रेरणा देता है कि सत्य और धर्म की ही अंततः विजय होती है। उन्होंने आह्वान किया कि इस पावन अवसर पर हम सभी अपनी समृद्ध परंपराओं को आगे बढ़ाने, समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लें।

कार्यक्रम के दौरान सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित नाट्य का मंचन भी हुआ। राज्यमंत्री श्री पंवार ने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और गौरवशाली अतीत को समझने का अवसर मिलता है।

 

  • Related Posts

    पुलिस की एक गलती ने दिलाई सोनम रघुवंशी को जमानत, कोर्ट में उठे सवाल

    इंदौर   राजा रघुवंशी हत्याकांड (Raja Raghuvanshi Murder Case) को एक साल पूरे होने वाले है लेकिन इस हाईप्रोफाइल केस में अभी भी कई ट्विस्ट सामने आ रहे है। इस

    पूरी खबर पढ़े
    जल गंगा संवर्धन अभियान: जनसहभागिता से बदली गोचा नदी स्टॉप डैम की तस्वीर

    सफलता की कहानी जल गंगा संवर्धन अभियान: जनसहभागिता से बदली गोचा नदी स्टॉप डैम की तस्वीर भोपाल मध्यप्रदेश में संचालित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ जल संरक्षण की दिशा में

    पूरी खबर पढ़े

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *