अमरकंटक माउंटेन ट्रैक का दूसरा दिन: जोहिला की वादियों और सघन वनों के बीच रोमांच का अद्भुत अनुभव

अमरकंटक माउंटेन ट्रैक का दूसरा दिन

जोहिला की वादियों और सघन वनों के बीच रोमांच का अद्भुत अनुभव

अनूपपुर
अनूपपुर जिला प्रशासन और इंडियाहाइक्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय ‘अमरकंटक वॉटरफॉल माउंटेन ट्रैक’ के दूसरे दिन ट्रैकर्स ने प्रकृति के अनछुए और रोमांचकारी स्वरूप का सजीव अनुभव किया। यात्रा का दूसरा पड़ाव जोहिला डैम और उसके आसपास के सघन वन क्षेत्रों में केंद्रित रहा।

प्राकृतिक सौंदर्य और साहसिक अनुभव

सुबह ट्रैकर दल ने जोहिला के जलभराव क्षेत्र और विंध्य पर्वतमाला के घने वनों के बीच ट्रैकिंग की। जल और हरियाली के संगम ने प्रतिभागियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।   उन्होने इस रूट को अंतरराष्ट्रीय स्तर के ट्रैकिंग अनुभव के समकक्ष बताया। ट्रैकर्स  ने बताया कि अमरकंटक क्षेत्र की जैव-विविधता, शांत वातावरण और प्राकृतिक संरचना इसे एक आदर्श इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाती है।

‘ग्रीन ट्रेल्स’ और ज़ीरो वेस्ट का अनुकरणीय पालन

 कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली की मंशा के अनुरूप ‘जीरो वेस्ट’ नीति का दूसरे दिन भी सख्ती से पालन किया गया। इंडियाहाइक्स के दल प्रमुख अंकित कुमार के नेतृत्व में ट्रैकर्स ने न केवल अपना कचरा वापस लाया, बल्कि मार्ग में मिले अन्य अजैविक कचरे को भी एकत्रित कर ‘ग्रीन टराइलस’ अभियान को सशक्त किया। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिभागियों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

स्थानीय गाइड और रोजगार के नए अवसर

ट्रैकिंग के दौरान स्थानीय गाइडों ने प्रतिभागियों को क्षेत्र की वनोषधियों, भौगोलिक विशेषताओं और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की जानकारी दी। प्रशासन की इस पहल से स्थानीय स्तर पर सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ है, क्योंकि ऐसे आयोजनों से होम-स्टे, गाइड सेवा और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

अगला पड़ाव पडौना वॉटरफॉल

ट्रैक का अगला चरण पडौना वॉटरफॉल की ओर होगा, जहाँ प्रतिभागी भव्य जलप्रपात के मध्य प्रकृति की अनुपम छटा का आनंद लेंगे।

3 मार्च को संपन्न होने वाली यह यात्रा अनूपपुर जिले को एडवेंचर टूरिज्म के मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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