महाराष्ट्र में 4 सीटों पर घमासान, कई दावेदारों पर बीजेपी का देर रात तक मंथन

नई दिल्ली/मुंबई
देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने वाले हैं। इन सीटों के लिए रेस जारी है और उन दलों में मंथन भी तेज है, जो सीटें जीतने की स्थिति में हैं। फिलहाल महाराष्ट्र में भी हलचल तेज है, जहां भाजपा बीते कई सालों से लगातार अपनी पकड़ मजबूत बना रही है। 2024 के विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ा दल बनी भाजपा में दावेदारों की कमी नहीं है, लेकिन उसके पास 4 सीटें ही फिलहाल जीतने का मौका है। राज्य में 7 सीटों पर राज्यसभा इलेक्शन होना है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि इन चार में से एक सीट पर रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया के नेता रामदास आठवले का चुना जाना लगभग तय है। अब बची एक सीट, जिसे लेकर भाजपा में दावेदारों की भरमार हैं। इसी को लेकर मंगलवार को देर रात मीटिंग चली।

मुंबई में हुई इस बैठक में कई सीनियर नेता मौजूद थे। सीएम देवेंद्र फडणवीस और प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण समेत कुल 12 नेता मीटिंग में थे। इस दौरान कई नामों पर चर्चा हुई, लेकिन राज्य स्तर से किसी भी नाम पर सहमति नहीं बनी है। इसके चलते कई नाम केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष विचार के लिए दिल्ली भेजे गए हैं। इन नामों पर मंथन के लिए घंटों बैठक चली। भाजपा सूत्रों का कहना है कि रामदास आठवले का नाम तय माना जा रहा है। उनके अलावा एक सीट के लिए जिन नामों पर चर्चा हुई, उनमें विनोद तावड़े, रावसाहब दानवे, प्रीतम मुंडे, विजय राहटकर और भागवत कराड़ शामिल हैं।

पार्टी सूत्रों ने कहा कि नेतृत्व चाहता है कि किसी ऐसे नेता को मौका दिया जाए, जो अनुभव भी हो और क्षेत्रीय एवं सामुदायिक प्रतिनिधित्व भी हो सके। सूत्रों ने कहा कि इस मीटिंग में सभी ने खुलकर बात की और अपनी ओर से जिन नामों के बारे में वे सोच रहे थे, उनका प्रस्ताव रखा। अब इन नामों को दिल्ली भेजा गया है। जल्दी ही नामों की सूची पर विचार करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण दिल्ली जाकर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात करेंगे। अंत में केंद्रीय नेतृत्व की ओर से ही फैसला लिया जाएगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा की लीडरशिप चाहती है कि राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम 28 फरवरी तक फाइनल कर दिए जाएं।

किन नेताओं के तय माने जा रहे हैं नाम, अब दिल्ली में चर्चा होगी
दरअसल महाराष्ट्र भाजपा में ऐसे कई नेता हैं, जो राज्य सरकार में शामिल नहीं हैं। ऐसे में वे चाहते हैं कि उन्हें राज्यसभा ही भेज दिया जाए। भाजपा सूत्रों का कहना है कि विनोद तावड़े का राज्यसभा जाना तय माना जा रहा है। इसके अलावा प्रीतम मुंडे की दावेदारी पर भी विचार चल रहा है। वहीं अजित पवार की एनसीपी की ओर से पार्थ पवार को भेजा जा सकता है और उनकी मां सुनेत्रा पवार अब राज्य में ही डिप्टी सीएम का पद संभालेंगी। इस तरह अजित पवार फैमिली ही मुंबई से दिल्ली तक की राजनीति का कंट्रोल अपने पास रखेगी।

 

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