अमेरिका में लापता भारतीय छात्र श्रीनिवासैया की मौत, 6 दिन बाद मिला शव

वाशिंगटन.

अमेरिका के बर्कली में लापता हुए भारतीय छात्र का 6 दिन बाद शव पाया गया है। 22 साल के साकेत श्रीनिवासैया यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया में पोस्ट ग्रैजुएशन के छात्र थे और वह अचानक 9 फरवरी को लापता हो गए थे। सैन फ्रांसिस्को में भारतीय कॉन्सुलेट ने उनके शव के पाए जाने की पुष्टि की है। मिशन की तरफ से कहा गया. हमें बेहद दुख है कि पुलिस ने बताया है कि साकेत श्रीनिवासैया की मौत हो गई है और उनका शव पाया गया है। हम साकेत के परिवार वालों के लिए संवेदना व्यक्त करते हैं।

भारतीय मिशन ने कहा, हम साकेत के परिवार की हर संभव मदद करने को तैयार हैं। स्थानीय प्रशासन के साथ तालमेल के जरिए हम साकेत के पार्थिव शरीर को भारत भिजवाने का प्रबंध कर रहेहैं। हमारा कार्यालय परिवार के साथ सीधे संपर्क में है और सभी औपचारिकताओं के लिए भी हम परिवार के साथ खड़े हैं।

कहां से लापता हो गए थे साकेत?
जानकारी के मुताबिक साकेत आखिरी बार बर्कली हिल्स इलाके में देखे गए थे। वह अंजा लेक के पास गए थे। स्थानीय मीडिया के मुताबिक उनका पासपोर्ट और लैपटॉप पास में ही पाया गया है। कर्नाटक के रहने वाले श्रीनिवासैया ने आईआईटी मद्रास से बीडटेक किया था और आगे की पढ़ाई के लिए वह अमेरिका गए थे। 2025 में ही उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया में ऐडमिशन लिया था। 13 फरवरी को कर्नाटक सरकार की मुख्य सचिव ने विदेश सचिव विक्रम मिसरी को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया है कि साकेत के परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, बर्कले पुलिस विभाग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका है। स्थिति की गंभीरता और राज्य में रह रहे उनके परिवार की बढ़ती चिंता को देखते हुए, शालिनी ने विदेश मंत्रालय से इस मामले में हस्तक्षेप और सहायता का अनुरोध किया था।

रूममेट ने क्या बताया
साकेत के रूममेट ने ही सबसे पहले उनके गायब होने की बात सोशल मीडिया पर बताई थी और पुलिस से मदद मांगी थी। साकेत के कमरे में साथ रहने वाले बिनीत सिंह ने कहा कि इस घटना से यहां रहने वाला हर भारतीय स्तब्ध है। उन्होंने कहा, हम प्रशासन के साथ मिलकर साकेत के परिवार को इमर्जेंसी वीजा पर अमेरिका बुलाने का प्रयास कर रहे हैं। बिनीत ने कहा कि 9 फरवरी को लापता होने से पहले साकेत ज्यादा कुछ खाते-पीते नहीं थे। वह अकसर चिप्स खाकर ही रह जाते थे। हालांकि इसके अलावा उनके चहरे पर कोई तनाव नहीं दिखता था। उन्होंने कहा कि 21 जनवरी को भी श्रीनिवासैया ने उन्हें झील के किनारे बुलाया था और कहा था वह बहुत आलसी हो गए हैं और कुछ करने का मन नहीं करता है।

बाथरोब पहनकर पहुंच गए थे क्लास
साकेत के रूममेट ने बताया कि आखिरी बार उनके बीच बात तब हुई थी जब वह बाथरोब पहनकर क्लास चले गए थे। वापस आने पर मैंने पूछा कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। इसपर साकेत ने जवाब दिया, मुझे किसी की परवाह नहीं है। इसके बाद दोनों हंसने लगे थे।

  • Related Posts

    बंगाल जीत पर अमित शाह ने याद किया संघर्ष, बोले- 321 भाजपा कार्यकर्ताओं का बलिदान नहीं जाएगा व्यर्थ

    पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी भाजपा की पहली सरकार के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। विधायक दल के नेता के रूप में उनके चयन की घोषणा के

    पूरी खबर पढ़े
    पीएम मोदी का लेख: ‘सोमनाथ और भारत की अदम्य आत्मशक्ति’, मंदिर के लोकार्पण की 75वीं वर्षगांठ पर

    अहमदाबाद   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 मई को पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के लोकार्पण की 75वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। उन्होंने यह जानकारी देते हुए एक लेख में भव्य-दिव्य

    पूरी खबर पढ़े

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *