चेक बाउंस के दो मामलों में शहडोल के व्यक्ति को 2 साल की जेल
भोपाल कोर्ट का सख्त फैसला: आरोपी पर करीब 16.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगा
शहडोल। राजधानी की एक अदालत ने वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त संदेश देते हुए चेक बाउंस के दो अलग-अलग मामलों में एक व्यक्ति को दोषी करार दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कल्पना कोतवाल के न्यायालय ने शहडोल निवासी मनीष श्रीवास्तव जो अपने आप को कांग्रेस का बड़ा नेता बताता है। मनीष को दोनों प्रकरणों में 1-1 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने केवल जेल ही नहीं भेजी, बल्कि दोषी पर भारी-भरकम आर्थिक दंड भी लगाया है, जो मूल राशि से लगभग पौने दो गुना है। 5-5 लाख के दो चेक हुए थे बाउंसमामला साल 2018 का है। शहडोल के शांतिवन (बुढार रोड) निवासी मनीष श्रीवास्तव (56 वर्ष) ने भोपाल के अभय मिश्रा को 5-5 लाख रुपये के दो चेक जारी किए थे। जब अभय मिश्रा ने बैंक ऑफ इंडिया की शहडोल शाखा में ये चेक लगाए, तो वे बाउंस हो गए। कानूनी नोटिस का जवाब न मिलने पर पीड़ित ने भोपाल कोर्ट में धारा 138 (NI Act) के तहत मामला दर्ज कराया था।अदालत ने 17 जनवरी 2026 को दिए अपने फैसले में स्पष्ट किया कि चेक बाउंस होना महज दीवानी (Civil) मामला नहीं, बल्कि एक गंभीर आपराधिक कृत्य है।






