आरक्षण के लिए धर्म परिवर्तन? CJI सख्त— बोले, यह तो नए जमाने का फ्रॉड है

नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बौद्ध धर्म अपनाने वाले हिंदू अपर कास्ट युवक के अल्पसंख्यक आरक्षण की मांग करने पर कड़ी फटकार लगाई। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने इसे नया तरीके का फ्रॉड करार दिया।

अदालती सुनवाइयों को रिपोर्ट करने वाली वेबसाइट बार एंड बेंच के अनुसार, निखिल कुमार पूनिया ने याचिका दायर कर अल्पसंख्यक उम्मीदवार के आधार पर एडमिशन की मांग की। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने पूछा कि आप कौन से पूनिया हैं? आप किस अल्पसंख्यक समुदाय से हैं?

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, ”मैं आपसे सीधे-सीधे पूछता हूं, आप कौन से पूनिया हैं?” इस पर निखिल के वकील ने जवाब दिया कि जाट पूनिया हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि तब कैसे अल्पसंख्यक हुए?

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि उसने (निखिल) बौद्ध धर्म अपना लिया है और यह उसका अधिकार है। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने फटकार लगाते हुए कहा कि वाओ, यह तो नया तरीके का फ्रॉड है।

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को सख्त आदेश दिया। उसने कहा कि राज्य उसे अल्पसंख्यक सर्टिफिकेट जारी करने के लिए गाइडलाइंस की जानकारी दे और बताए कि क्या ऊंची जाति के जनरल कैटेगरी के उम्मीदवार बौद्ध धर्म अपनाने के बाद अल्पसंख्यक सर्टिफिकेट हासिल कर सकते हैं। कोर्ट ने हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी से जवाब मांगा है।

  • Related Posts

    जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़, आर्मेनिया कनेक्शन आया सामने

    कठुआ  पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। अभी तक की जांच में सामने आया है कि कठुआ के एक छोटे से गांव चक्क

    पूरी खबर पढ़े
    ममता बनर्जी पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज का बड़ा हमला, बोले- चुनाव हारीं तो अदालत पहुंच गईं

    कोलकत्ता  पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काला कोट पहनकर कोर्ट जाने को लेकर बवाल छिड़ गया है। अब सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने

    पूरी खबर पढ़े

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *