भारतीय पासपोर्ट में ऐतिहासिक बदलाव, चिप वाला e-Passport शुरू, जानें फीस और आवेदन की पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली
भारत में अब पासपोर्ट सेवा का नया दौर शुरू हो चुका है। अब हर नए या रिन्यू किए जाने वाले पासपोर्ट के साथ आपको e-passport मिलेगा, जो पुराने पासपोर्ट से कहीं अधिक सुरक्षित और आधुनिक है। यह बदलाव ‘पासपोर्ट सेवा 2.0’ के तहत लागू किया गया है।

ई-पासपोर्ट क्या है?
e-passport सामान्य पासपोर्ट की तरह दिखता है, लेकिन इसके अंदर एक स्मार्ट चिप लगी होती है। यह चिप आपकी फोटो, उंगलियों के निशान और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तिगत जानकारी को डिजिटल तरीके से सुरक्षित रखती है। चिप की वजह से इसे नकली बनाना या इसमें छेड़छाड़ करना बेहद मुश्किल हो गया है।

फीस और चार्जेस
e-passport की फीस सामान्य पासपोर्ट के बराबर रखी गई है।
-36 पन्नों वाला ई-पासपोर्ट: सामान्य प्रक्रिया के लिए 1,500 रुपये, जबकि तत्काल पासपोर्ट के लिए 3,500 रुपये (1500 फीस + 2000 तत्काल चार्ज)।
-60 पन्नों वाला ई-पासपोर्ट: सामान्य प्रक्रिया के लिए 2,000 रुपये, और तुरंत पासपोर्ट चाहने पर 4,000 रुपये।

कौन कर सकता है आवेदन?
e-passport के लिए पात्रता वही है जो सामान्य पासपोर्ट के लिए होती है। यानी कोई भी भारतीय नागरिक, चाहे बच्चा, किशोर या बुजुर्ग, आवेदन कर सकता है। 75 साल से ऊपर उम्र वाले नागरिकों को कुछ मामलों में प्राथमिकता भी मिलती है।
 
पहली बार पासपोर्ट बनवाने वाले या पुराने पासपोर्ट के एक्सपायर होने, खो जाने या पन्नों के भर जाने पर ई-पासपोर्ट जारी किया जाएगा। वर्तमान साधारण पासपोर्ट वैध होने तक मान्य रहेगा, इसलिए तुरंत बदलना जरूरी नहीं है।

विदेश में रहने वाले भारतीय भी अपने नजदीकी दूतावास के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, गंभीर आपराधिक मामलों में संलिप्त या लंबित मुकदमे वाले नागरिकों को पासपोर्ट मिलने में परेशानी हो सकती है।

जरूरी दस्तावेज
ई-पासपोर्ट बनवाने के लिए कुछ प्रमाण पत्र जरूरी हैं:
पहचान पत्र जैसे आधार या पैन कार्ड

पते का प्रमाण
जन्म तिथि का प्रमाण (जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट)
ई-पासपोर्ट न केवल सुरक्षा में बेहतर है, बल्कि यह भारत की डिजिटल पहल का हिस्सा भी है, जिससे पासपोर्ट प्रक्रिया तेज, सुरक्षित और विश्वसनीय बनती है।

 

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