2026 में न्याय की कसौटी: सुप्रीम कोर्ट में तलाक-ए-हसन और एसआईआर जैसे बड़े मामलों की सुनवाई

नई दिल्ली
नए साल 2026 में कई ऐसे अहम और संवेदनशील मामले हैं, जिन पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगी। इन मामलों पर कोर्ट का क्या फैसला होगा, इसका भी हर कोई इंतजार कर रहा है। ये मामले समाज, पर्यावरण और आम नागरिकों के लिए काफी अहम हैं। दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण हो या एसिड अटैक जैसे जघन्य अपराध, चुनावी प्रक्रिया की वैधता से जुड़ा एसआईआर मामला हो या तलाक-ए-हसन जैसी सामाजिक प्रथा, इन सभी मुद्दों पर इस साल सुप्रीम कोर्ट सुनवाई होगी। कुल मिलाकर, 2026 में सुप्रीम कोर्ट में कई ऐसे मामले हैं, जिनके फैसले न केवल न्यायिक दृष्टि से, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय महत्व के लिहाज से भी बेहद अहम माने जा रहे हैं।
दिल्ली प्रदूषण पर सुनवाई: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की गंभीर स्थिति लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। तमाम सरकारी उपायों और प्रतिबंधों के बावजूद हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो पा रहा है। इस पर नाराजगी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अब वह इस मामले में हर महीने सुनवाई करेगा ताकि हालात की समीक्षा की जा सके और जरूरी कदम उठाए जा सकें। वर्ष 2026 में दिल्ली प्रदूषण से जुड़े मामले में नियमित और निरंतर सुनवाई प्रस्तावित है।
एसआईआर मामला: कई राज्यों में चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) से जुड़े निर्णय की वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। अदालत ने तमिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल में एसआईआर के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के लिए तारीखें तय कर रखी हैं। इस मामले में विस्तृत बहस और सुनवाई होने की संभावना है, जिससे चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से जुड़े अहम सवालों पर फैसला आ सकता है।
एसिड अटैक मामला: एसिड अटैक जैसे अमानवीय अपराधों पर सुप्रीम कोर्ट का रुख सख्त बना हुआ है। 11 दिसंबर को हुई पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा था कि एसिड अटैक में शामिल व्यक्ति समाज, आम नागरिकों और कानून के शासन के लिए गंभीर खतरा हैं। कोर्ट ने संकेत दिए थे कि ऐसे अपराधियों पर कठोर शर्तें लागू की जानी चाहिए। इस मामले में 2026 में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई आगे बढ़ेगी।
तलाक-ए-हसन: यह वह प्रथा है जिसमें एक मुस्लिम पुरुष तीन महीनों तक हर महीने एक बार ‘तलाक’ कहकर विवाह समाप्त कर सकता है। पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रथा पर कड़ा सवाल उठाते हुए कहा था कि एक सभ्य समाज में ऐसी व्यवस्था कैसे स्वीकार्य हो सकती है। इस मुद्दे पर भी शीर्ष अदालत में अहम सुनवाई होने वाली है।
उन्नाव रेप केस: इस केस में दोषी ठहराए गए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को लेकर कानूनी लड़ाई अभी जारी है। सीबीआई ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है जिसमें 23 दिसंबर को सेंगर को जमानत दी गई थी। इसके बाद सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल सेंगर की जमानत पर रोक लगा दी है। 2026 में इस मामले में भी शीर्ष अदालत में सुनवाई होगी।

  • Related Posts

    थलापति विजय की डबल चाल: TVK के दोनों हाथों में लड्डू, सरकार बनाने का खेल जारी

    चेन्नई तमिलनाडु चुनाव के नतीजे आ गए. अब सरकार कैसे गठित हो, इसकी कवायद है. विधानसभा नतीजों ने तमिलनाडु में सरकार गठन की प्रक्रिया को फंसा दिया है. तमिलनाडु

    पूरी खबर पढ़े
    भारत और वियतनाम ने किए 13 समझौते, UPI और वियतनाम के फास्ट पेमेंट सिस्टम का होगा लिंक

    नई दिल्ली  वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम के भारत दौरे को दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में गति देने वाला माना जा रहा है. भारत और वियतनाम अपनी व्यापक

    पूरी खबर पढ़े

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *