पीएम मोदी ने ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का किया लोकार्पण, बोले- विकसित भारत के संकल्प को मिलेगी नई ऊर्जा
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती (जन्म शताब्दी वर्ष) के अवसर पर लखनऊ को ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ की बड़ी सौगात दी। गोमती तट पर स्थित इस भव्य परिसर का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने इसे राष्ट्र निर्माण और जन-सेवा के संकल्प का केंद्र बताया।
तीन महापुरुषों की प्रतिमाओं का अनावरण प्रधानमंत्री ने परिसर में स्थापित भारतीय राजनीति के तीन शिखर पुरुषों डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की 65 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमाओं का अनावरण किया। उन्होंने पुष्प अर्पित कर इन महापुरुषों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।
कमल की आकृति में बना भव्य संग्रहालय 65 एकड़ में फैले इस प्रेरणा स्थल की सबसे बड़ी विशेषता इसका अत्याधुनिक संग्रहालय है। 98,000 वर्ग फुट में फैला यह संग्रहालय ‘कमल’ के आकार में निर्मित है। इसमें इन तीनों नेताओं के जीवन संघर्ष, वैचारिक यात्रा और राष्ट्र निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।
राष्ट्र प्रेरणा स्थल का यह केंद्र उस विजन को दिखाता है जिसने भारत को आत्म-सम्मान और सेवा के रास्ते पर गाइड किया है। यहां स्थापित प्रतिमाएं जितनी शानदार हैं, उतनी ही प्रेरणादायी भी हैं।
खासियत एक नजर में:
लागत: करीब 230 करोड़ रुपये।
क्षेत्रफल: 65 एकड़ का विशाल परिसर।
प्रतिमाएं: तीन महापुरुषों की 65-65 फुट ऊंची भव्य प्रतिमाएं।
उद्देश्य: नई पीढ़ी को राष्ट्रवाद और सेवा की सीख देना।
प्रधानमंत्री ने संबोधन के दौरान देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह स्थल हमें याद दिलाता रहेगा कि हमारा हर प्रयास राष्ट्र निर्माण के लिए होना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के सामूहिक प्रयासों से ‘विकसित भारत’ का संकल्प निश्चित रूप से पूरा होगा।






