मप्र की स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर, भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल: कांग्रेस
भोपाल , यशभारत। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर तीखा हमला बोला है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के मध्यप्रदेश दौरे के दौरान पटवारी ने उनसे पांच सीधे सवाल पूछते हुए कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं ‘वेंटिलेटर’ पर हैं और सरकार अघोषित आपातकाल जैसे हालात पैदा कर रही है।
जिला अस्पतालों का निजीकरण शर्मनाक पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने नारे ‘देश नहीं बिकने दूंगा’ का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार कांग्रेस शासनकाल में बने जिला अस्पतालों को निजी उद्योगपतियों के हाथों में सौंप रही है। उन्होंने सवाल किया कि यदि सरकारी बजट का सही उपयोग हो, तो जनता को मुफ्त इलाज क्यों नहीं मिल पा रहा?
प्रेस वार्ता के दौरान पटवारी ने केंद्रीय मंत्री के सामने प्रदेश की बदहाली के पांच मुख्य बिंदु रखे:
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में निजी भागीदारी (PPP) क्यों की जा रही है?
छिंदवाड़ा में कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत का असली जिम्मेदार कौन है?
इंदौर जैसे शहरों में बच्चों को चूहों द्वारा कुतरने जैसी अमानवीय घटनाएं क्यों हो रही हैं?
‘साइंस हाउस’ घोटाले में फर्जी जांचों के जरिए हुई लूट की जवाबदेही किसकी है?
प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी क्यों बनी हुई है?
भ्रष्टाचार और लापरवाही का आरोप पटवारी ने कहा कि प्रदेश का स्वास्थ्य बजट 23,535 करोड़ रुपये है, लेकिन भ्रष्टाचार के कारण मासूमों को HIV संक्रमित खून चढ़ाया जा रहा है और अस्पतालों के आईसीयू में आग लग रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा, सरकार यह बताने में व्यस्त है कि बंगले में कौन रहेगा, जबकि प्रदेश की 8 करोड़ जनता को इलाज और सुरक्षा की दरकार है।
पटवारी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया और चूहों तक पर नियंत्रण नहीं कर पाई, तो जनता इस संवेदनहीनता का जवाब आगामी समय में देगी।






