नेतृत्व पर उठे सवाल पड़े भारी, कांग्रेस ने पूर्व MLA को पार्टी से निकाला

नई दिल्ली 
कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाने वाले पूर्व विधायक मोहम्मद मुकीम के खिलाफ बड़ा ऐक्शन लिया गया है। खबर है कि कांग्रेस ने मुकीम को पार्टी से निकाल दिया है। उनपर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप लगे हैं। मुकीम ने राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी को लिखे पत्र में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उम्र पर सवाल उठाए थे। साथ ही वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को नेतृत्व में भूमिका देने की मांग की थी।  OPCC यानी ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से आदेश जारी किया गया, ‘सभी संबंधित लोगों को सूचित किया जाता है कि AICC ने श्री मोहम्मद मुकीम को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते प्राथमिक सदस्यता से निकालने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।’

क्या कहा था
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में मुकीम ने गुरुवार को कहा, ‘…मैंने सोनिया गांधी को पत्र लिखा, जिसमें कहा गया है कि पार्टी मुश्किल दौर से गुजर रही है और उनकी सलाह और नए नेतृत्व की जरूरत है…। श्री मल्लिकार्जुन खरगे बहुत वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन उम्र उनके पक्ष में नहीं है। 83 साल उम्र हो चुका है। विपक्ष की पार्टी के मुखिया के हिसाब से जो मेहनत करना चाहिए, जो दौड़ भाग करना चाहिए, लोगों को कनेक्ट करना चाहिए। वो संभव नहीं है। उन्हें सलाहकार रहकर किसी युवा को सामने लाना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘हमारे पास प्रियंका जी हैं और भी बहुत सारे युवा हैं, जो पार्टी को मजबूत करेंगे। राहुल जी सीएलपी नेता है, वो अपनी भूमिका निभा रहे हैं। कोई अध्यक्ष बनकर अपनी भूमिक निभाएगा। यह कांग्रेस के सच्चा वर्कर होने के नाते मेरी व्यक्तिगत रूप से सोनिया जी से अपील है।’

सोनिया गांधी को लिखा पत्र
पीटीआई भाषा के अनुसार, पूर्व विधायक ने एक सख्त पत्र लिखकर पार्टी नेतृत्व और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच ‘बढ़ती दूरी’ को लेकर कड़ी नाराजगी जताई थी। दावा किया कि वह स्वयं लगभग तीन वर्षों से विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मिलने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाराबती-कटक से विधायक रहे और खुद को कांग्रेस का आजीवन समर्पित कार्यकर्ता बताने वाले मोहम्मद मुकीम ने पार्टी अध्यक्ष खरगे की नेतृत्व शैली पर भी सवाल उठाए।

मुकीम ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया, मिलिंद देवरा, हिमंत बिस्वा सरमा जैसे कई उभरते युवा नेताओं ने इसलिए पार्टी छोड़ दी क्योंकि वे खुद को ‘उपेक्षित’, ‘नजरअंदाज’ और ‘अनसुना’ महसूस करते थे। उन्होंने सुझाव दिया कि वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी को केंद्रीय भूमिका में आकर प्रत्यक्ष और सक्रिय नेतृत्व संभालना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि सचिन पायलट, डी.के. शिवकुमार, ए. रेवंत रेड्डी, शशि थरूर जैसे नेताओं को पार्टी की मुख्य नेतृत्व टीम का आधार बनना चाहिए। मुकीम की बेटी वर्तमान में विधायक हैं। मुकीम ने कहा कि पार्टी की मौजूदगी भौगोलिक, संगठनात्मक और भावनात्मक स्तर पर लगातार सिमटती जा रही है।

उन्होंने कहा कि जिन समर्पित कार्यकर्ताओं ने अपना पूरा जीवन पार्टी को दिया है, उनके लिए यह स्थिति सिर्फ निराशाजनक नहीं, बल्कि वास्तव में दिल तोड़ देने वाली है। पूर्व विधायक ने कहा कि बिहार, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर में हालिया चुनाव परिणाम केवल चुनावी झटके नहीं हैं, बल्कि यह गहरे संगठनात्मक अलगाव को दर्शाते हैं। इन चुनावों में कांग्रेस को भारी अंतर से हार झेलनी पड़ी थी।

उन्होंने कहा कि नेतृत्व और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच ‘दूरी लगातार बढ़ रही है’ और ‘विधायक होने के बावजूद, मैं लगभग तीन वर्षों तक राहुल गांधी जी से मिलने का प्रयास करता रह गया।’ सोनिया गांधी को लिखे अपने पत्र में उन्होंने कहा, ‘यह कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, बल्कि पूरे भारत में पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा महसूस किए जा रहे बड़े भावनात्मक अलगाव का संकेत है।’

 

  • Related Posts

    उद्धव ठाकरे की सीट पर कांग्रेस की नजर, कैंडिडेट उतारने की तैयारी; विपक्ष में मचा विवाद

    मुंबई  उद्धव ठाकरे ने इस बार विधान परिषद सदस्य न बनने का फैसला लिया है। उनके स्थान पर उद्धव सेना चाहती है कि अंबादास दानवे को सदन में भेजा

    पूरी खबर पढ़े
    ‘ममता बनर्जी आराम करें’, सुवेंदु का दावा- बंगाल में 180 से अधिक सीटें जीतेगी BJP

    कलकत्ता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में दूसरे और आखिरी चरण की वोटिंग खत्म हो चुकी है. खबर लिखे जाने तक इस फेज की 142 सीटों पर करीब 90 फीसदी

    पूरी खबर पढ़े

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *